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पटना में FSSAI का बड़ा अभियान, रेलवे और स्ट्रीट फूड वेंडरों को मिला खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण

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पटना में FSSAI ने रेलवे और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता प्रशिक्षण आयोजित किया। 92 वेंडरों को सुरक्षित भोजन, लाइसेंस नियम और नए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई।

पटना/आलम की खबर:राजधानी पटना में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रेलवे स्टेशनों और शहर के विभिन्न इलाकों में खाद्य सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं को अब सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों तक सुरक्षित भोजन पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत बनाना भी है।

कार्यक्रम में रेलवे स्टेशन और स्ट्रीट फूड कारोबार से जुड़े कुल 92 विक्रेताओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, लाइसेंसिंग नियमों और ग्राहकों के स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि खाद्य कारोबारियों की भी अहम भूमिका है।

आज के समय में रेलवे स्टेशन और सड़क किनारे मिलने वाला भोजन लाखों लोगों की दैनिक जरूरत का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यदि स्वच्छता और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जाए तो लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण एफएसएसएआई लगातार जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रहा है ताकि खाद्य कारोबारियों को आधुनिक खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी दी जा सके।

एफएसएसएआई के फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन (FOSTAC) कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इस प्रशिक्षण में विक्रेताओं को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के महत्व पर विस्तार से बताया गया। उन्हें हाथों की सफाई, साफ कपड़े पहनने, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने और दूषित होने से बचाने के उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही यह भी समझाया गया कि साफ-सुथरा वातावरण ग्राहकों का विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रशिक्षकों ने बताया कि भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। भोजन को सुरक्षित तापमान पर रखना, खराब खाद्य सामग्री का उपयोग न करना और खाद्य पदार्थों को ढककर रखना कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है। प्रशिक्षण में शामिल विक्रेताओं को इन सभी विषयों पर व्यावहारिक जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान खाद्य सुरक्षा कानूनों और लाइसेंसिंग प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने छोटे खाद्य कारोबारियों को राहत देने के उद्देश्य से कुछ नियमों में संशोधन किया है। इससे छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों को व्यवसाय संचालन में सुविधा मिलेगी और वे आसानी से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने उपस्थित कारोबारियों को बताया कि नियमों का पालन करने से न केवल उनका व्यवसाय सुरक्षित रहेगा बल्कि ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि खाद्य कारोबारियों को समय-समय पर अपने लाइसेंस और पंजीकरण की स्थिति की समीक्षा करते रहना चाहिए।

रेलवे यात्रियों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन ने भी इस पहल में सहयोग किया। पटना सिटी और राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन के वेंडरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। रेलवे परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है, इसलिए वहां उपलब्ध भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

प्रशिक्षण के दौरान स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी जारी किए गए। उन्हें केवल ताजा खाद्य सामग्री का उपयोग करने, पीने योग्य स्वच्छ पानी रखने, एप्रन, ग्लव्स और हेयर कैप पहनने तथा शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की सलाह दी गई। इसके अलावा साफ-सफाई बनाए रखने और कचरे के उचित निपटान पर भी विशेष जोर दिया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में स्ट्रीट फूड संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि इसकी गुणवत्ता और स्वच्छता में सुधार होता है तो उपभोक्ताओं को बेहतर भोजन मिलेगा और खाद्य जनित बीमारियों की संभावना भी कम होगी। यही कारण है कि एफएसएसएआई ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दे रहा है।

कार्यक्रम में उपभोक्ताओं की भूमिका पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी होटल, रेस्तरां, ढाबे या स्ट्रीट फूड विक्रेता की गुणवत्ता को लेकर शिकायत हो तो उपभोक्ता संबंधित हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। इससे निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जा सकेगा।

एफएसएसएआई का मानना है कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार, खाद्य कारोबारी और उपभोक्ताओं तीनों की सहभागिता जरूरी है। इसी उद्देश्य से प्रशिक्षण, जागरूकता और निरीक्षण की प्रक्रिया को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा। जब विक्रेता स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे तो उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता वाला भोजन प्राप्त होगा। साथ ही खाद्य जनित बीमारियों में भी कमी आने की संभावना है। आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।

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